I am Ratna. Teaching is my profession. But, I prefer calling myself a learner. When I look around, I find so many wonders yet unexplored, questions unanswered. I ponder at times, awe at times, feel surprised, happy at times and sad sometimes.
I have lots of words circling around. I try to catch them. Some are caught, some fly away, yet some disappear. Let me see how many words I catch here. :)
Saturday, June 20, 2009
टूटा तारा
कल रात जो तारा टूटा था, वो मेरे आंगन गिरा था तुमने भी तो दुआ मांगी थी... वो तारा टूटा था, या कोई अपना था? तुम्हारी ख्वाहिश पूरी करने मे तुम्हारे अपनो को कितनी बार टूटना पडेगा?
कृपया वर्ड वेरीफिकेशन हटा लें। यह न केवल मेरी उम्र के लोगों को तंग करता है पर लोगों को टिप्पणी करने से भी हतोत्साहित करता है। आप चाहें तो इसकी जगह कमेंट मॉडरेशन का विकल्प ले लें।
1 comment:
हिन्दी चिट्ठजगत में स्वागत है।
कृपया वर्ड वेरीफिकेशन हटा लें। यह न केवल मेरी उम्र के लोगों को तंग करता है पर लोगों को टिप्पणी करने से भी हतोत्साहित करता है। आप चाहें तो इसकी जगह कमेंट मॉडरेशन का विकल्प ले लें।
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